सूरज चाँद तारे एवं जगत के सृजनहार को पहचानो! ईश्वर का चलता-फिरता मंदिर
Universe Knowledge: क्या हमने कभी सोचा है कि इस अनंत ब्रह्मांड का सृजनहार कौन है? सूरज, चाँद, तारे, और यह समूची सृष्टि किसी अदृश्य शक्ति के अधीन हैं। वही परमात्मा, सच्चा ईश्वर, हमारी आत्मा में वास करना चाहता है। लेकिन क्या हम उसे पहचानने के लिए तैयार हैं?
ईश्वर का सच्चा वास: मन्दिरों, मस्जिदों या हृदय में?
आज हम पूजा-पाठ, नियम-व्रत, मंदिर, मस्जिद, और मूर्तियों में ईश्वर को खोजते हैं। लेकिन क्या सच में परमेश्वर किसी स्थान में सीमित हो सकता है? क्या वह किसी मूर्ति या इमारत में कैद हो सकता है?
ईश्वर ने मनुष्य को अपना घर बनाया था, उसकी आत्मा में वास करने के लिए, लेकिन पाप के कारण ईश्वर मानव हृदय से दूर हो गया। अब वह वायुमंडल में, यानी खालिक में वास करने को मजबूर हो गया। यह हमारी भूल और अधर्म के कारण हुआ है।

परमपिता को जानो, जीवन सफल बनाओ Universe Knowledge
परमानंद पुत्र में परमपिता का दर्शन होता है।
जो लोग कट्टरता में उलझे हैं—चाहे वे हिंदू, मुस्लिम या ईसाई हों—वे इस सच्चाई को स्वीकार करने से घबराते हैं। लेकिन सत्य वही है जो अहंकार को चकनाचूर कर दे।
ईश्वर की पुकार: गुनाहों की माफी और पुनर्मिलन
ईश्वर तुम्हारे गुनाहों को माफ करने के लिए तैयार है। वह चाहता है कि तुम अंधविश्वास और बाहरी पूजा-पाठ छोड़कर अपनी आत्मा में उसे स्थान दो। वह फिर से तुम्हारे हृदय में वास करना चाहता है।
ईश्वर का चलता-फिरता मंदिर: तुम स्वयं!
मनुष्य के शरीर को ईश्वर ने अपने मंदिर के रूप में बनाया था। लेकिन क्या हमने इस पवित्र मंदिर को अपवित्र नहीं कर दिया? पाप ने इस मंदिर को भ्रष्ट कर दिया, और ईश्वर को बाहर जाने के लिए मजबूर कर दिया।
अब समय आ गया है कि हम ईश्वर के वास्तविक स्वरूप को पहचानें, उसके प्रेम को अनुभव करें और अपने जीवन को उसी के अनुसार ढालें। क्योंकि सच्चा मंदिर कोई ईंट-पत्थर से बनी इमारत नहीं, बल्कि तुम्हारी आत्मा है!
अब फैसला तुम्हारे हाथ में है—क्या तुम अपने भीतर ईश्वर को स्थान दोगे या उसे हमेशा के लिए अपने से दूर कर दोगे?