Janeu Sanskar | श्री राम सेवक सभा द्वारा बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर 26 जनवरी 2023 को सामूहिक उपनयन संस्कार
Nainital : श्री राम सेवक सभा द्वारा बसंत पंचमी (janeu sanskar) के शुभ अवसर पर 26जनवरी 2023 को सामूहिक उपनयन संस्कार कार्यक्रम सभा भवन में आयोजित होगा ।श्री रामसेवक सभा सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों में ध्वज वाहक का कार्य करती आई है। सभा कई वर्षो से उपनयन संस्कार का कार्य करती आ रही है।

सामूहिक कार्यक्रम में शहर के कई बटुक भाग लेंगे तथा पंडित भगवती प्रसाद जोशी द्वारा यह संस्कार संपन्न किया जायेगा। सभा के पदाधिकारी उक्त कार्य हेतु कार्यक्रम को अंतिम रूप दे रहे है। सभा की तरफ से मनोज साह अध्यक्ष, महासचिव जगदीश बावड़ी, अशोक साह, बिमल चौधरी राजेंद्र बिष्ट बिमल साह जन संपर्क कर रहे है।
कूटा ने विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए भेजा ज्ञापन
कुमाऊँ विश्वविद्यालय, शिक्षक संघ, नैनीताल (कूटा) ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री उत्तराखंड श्री पुष्कर धामी तथा शिक्षा मंत्री उत्तराखंड को विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन भेजा है। कूटा ने स्पष्ट किया है की दिल्ली विश्वविद्यालय तथा कॉलेज में तदार्थ नियुक्ति दी जा रही है।
जबकि उत्तराखंड में तदर्थ नियुक्ति का नियम समाप्त किया जा चुका है तथा उत्तराखंड में सभी विभागों में संविदा कर्मी तथा प्रधायपक 15से 20 वर्षो से कार्य कर रहे है अतः उत्तराखंड में सभी विभागों हेतु तदार्थ नियुति का नीति गत नियम कैबिनेट तथा विधान सभा से पास किया जाय।
कूटा ने ये भी कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय से प्रथक कर बनाए गए एस एस जे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के चार परिसर बनाए गए परंतु कुमाऊं विश्वविद्यालय के पास मात्र एक परिसर में ही है, अतः इसका अन्य परिसर रुद्रपुर या हल्द्वानी बनाया जाय।
कूटा ने ये भी कहा कि देश के कई राज्यों में पुरानी पेंशन योजना लागू की गई है इसके तर्ज पर उत्तराखंड राज्य के शिक्षकों , अधिकारियों, कर्मचारियों के लिए भी पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करनी चाहिये। janeu sanskar
कूटा ने रानीबाग के पूर्व एचएमटी के स्थान पर विश्वविधालय का परिसर बनाने की मांग भी की है ज्ञापन भेजने वाला में कूटा की तरफ से प्रो. ललित तिवारी अध्यक्ष , डॉ.नीलू लोधियाल उपाध्यक्ष, डॉ.विजय कुमार महासचिव, डॉ. संतोष कुमार उपसचिव, डॉ.दीपिका गोस्वामी, डॉ.सीमा चौहान, डॉ.दीपक कुमार, डॉ. दीपाक्षी जोशी, डॉ.उमंग सैनी, डॉ.अनिल बिष्ट डॉक्टर पैनी जोशी, डॉक्टर दीपिका पंत, डॉक्टर डॉक्टर सीमा चौहान शामिल रहे। janeu sanskar
जोशीमठ के अन्तर्गत आपदाग्रस्त क्षेत्र की अध्ययन रिपोर्ट उपलब्ध कराये जाने हेतु टाईमलाइन दी गयी
- भारत सरकार के स्तर पर केन्द्र के तकनीकी संस्थानों को जोशीमठ के अन्तर्गत आपदाग्रस्त क्षेत्र की अध्ययन रिपोर्ट उपलब्ध कराये जाने हेतु टाईमलाइन दी गयी
- टी.सी.पी. तिराहा जोशीमठ के पास उद्यान विभाग की भूमि को मॉडल प्री-फैब्रिकेटेड हट बनाये जाने हेतु चिन्हित किया गया
- 3.10 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि 207 प्रभावित परिवारों को अन्तरिम राहत के तौर पर वितरित की गई
- जोशीमठ में पानी का डिस्चार्ज 540 एल.पी.एम से घटकर 123 एल.पी.एम हुआ
सचिव आपदा प्रबन्धन डा0 रंजीत कुमार सिन्हा ने मंगलवार को जोशीमठ नगर क्षेत्र में हो रहे भू-धंसाव एवं भूस्खलन के उपरान्त राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे राहत एवं बचाव, स्थायी/अस्थायी पुनर्वास आदि से सम्बन्धित किये जा रहे कार्यो की मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार की ओर से विस्थापन हेतु अग्रिम के रूप 207 प्रभावित परिवारों को 3.10 करोड़ रूपये की धनराशि वितरित कर दी गयी है।
राहत की खबर है कि जोशीमठ में प्रारम्भ में निकलने वाले पानी का डिस्चार्ज जो कि 6 जनवरी 2023 को 540 एल.पी.एम. था, वर्तमान में घटकर 123 एल.पी.एम. हो गया है। सचिव आपदा प्रबन्धन ने जानकारी दी कि भारत सरकार के स्तर पर केन्द्र के तकनीकी संस्थानों को जोशीमठ के अर्न्तगत आपदाग्रस्त क्षेत्र की अध्ययन रिपोर्ट उपलब्ध कराये जाने हेतु टाईमलाइन दी गयी है।
सीबीआरआई के 10 वैज्ञानिकों की टीम को तीन सप्ताह, एनजीआरआई के 10 वैज्ञानिकों की टीम को प्रारम्भिक रिपोर्ट दो सप्ताह तथा अन्तिम रिपोर्ट तीन सप्ताह, वाडिया संस्थान के 07 वैज्ञानिकों की टीम को प्रारम्भिक रिपोर्ट दो सप्ताह तथा अन्तिम रिपोर्ट दो माह, जीएसआई के सात वैज्ञानिकों की टीम को प्रारम्भिक रिपोर्ट दो सप्ताह तथा अन्तिम रिपोर्ट दो माह, सीजीडब्ल्यूबी के 04 वैज्ञानिकों की टीम को प्रारम्भिक रिपोर्ट एक सप्ताह तथा अन्तिम रिपोर्ट तीन सप्ताह तथा आईआईआरएस को एक सप्ताह में प्रारम्भिक रिपोर्ट तथा तीन माह में अन्तिम रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सचिव आपदा प्रबन्धन ने जानकारी दी कि टी.सी.पी. तिराहा जोशीमठ के पास उद्यान विभाग की भूमि को मॉडल प्री-फैब्रिकेटेड हट बनाये जाने हेतु चिन्हित किया गया है। जे.पी. के 15 भवनों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें तोड़ने का कार्य प्रारम्भ किया जा रहा है।
सचिव आपदा प्रबन्धन ने जानकारी दी कि अस्थायी रूप से चिन्हित राहत शिविरों में जोशीमठ में कुल 615 कक्ष हैं जिनकी क्षमता 2190 लोगों की है तथा पीपलकोटी में 491 कक्ष हैं जिनकी क्षमता 2205 लोगों की है। अभी तक 849 भवनों में दरारें दृष्टिगत हुई है। सर्वेक्षण का कार्य गतिमान है।
उन्होनें जानकारी दी कि गांधीनगर में 01, सिंहधार में 02, मनोहरबाग में 05, सुनील में 07 क्षेत्र / वार्ड असुरक्षित घोषित किए गए हैं। 167 भवन असुरक्षित क्षेत्र में स्थित है। 250 परिवार सुरक्षा के दृष्टिगत अस्थायी रूप से विस्थापित किये गये हैं। विस्थापित परिवार के सदस्यों की संख्या 838 है। Basant Panchami